AI Voice Cloning Scams

AI Voice Cloning Scams

विषय प्रवेश: देश में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक बेहद खौफनाक और आधुनिक तरीका खोज लिया है, जिसे 'AI Voice Cloning Fraud' (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वॉइस क्लोनिंग) कहा जा रहा है। इस तकनीक के तहत जालसाज केवल 3 सेकंड के ऑडियो सैंपल की मदद से किसी भी व्यक्ति की हूबहू आवाज़ तैयार कर लेते हैं। इसके बाद वे उस व्यक्ति के माता-पिता या रिश्तेदारों को फोन करके एक्सीडेंट, अरेस्ट या मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाते हैं और रोते हुए पैसों की मांग करते हैं। आवाज़ इतनी असली होती है कि कोई भी धोखा खा सकता है।

गहन विश्लेषण: साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह अपराधी सोशल मीडिया, रील्स या यूट्यूब पर पोस्ट किए गए आपके वीडियो से आपकी आवाज़ चुराते हैं। इसके बाद एडवांस्ड एआई टूल्स का उपयोग करके उस आवाज़ को मनचाहे वाक्यों में बदल दिया जाता है। हाल ही में देश के कई बड़े शहरों में 'डिजिटल अरेस्ट' और 'वॉइस क्लोनिंग' के ऐसे मामले आए हैं जहां लोगों ने अपने बच्चों की मुसीबत में होने की आवाज़ सुनकर लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए। यह तकनीक जितनी वरदान है, सचेत न रहने पर उतनी ही बड़ी सुरक्षा चुनौती बनती जा रही है।

जागरण संदेश: 'The Jagran News' आम जनता को सचेत करता है कि ऐसे किसी भी आपातकालीन फोन कॉल आने पर तुरंत घबराएं नहीं। यदि कोई रोता हुआ करीबी पैसे मांगे, तो सबसे पहले फोन काटकर उसके मूल नंबर पर दोबारा कॉल करके सच्चाई का पता लगाएं। अपने परिवार में एक 'सीक्रेट कोड वर्ड' तय करके रखें, जिससे मुसीबत के समय पहचान की जा सके। सतर्कता ही इस डिजिटल युग में आपकी गाढ़ी कमाई और मानसिक शांति की सबसे बड़ी सुरक्षा है।